2026-11-07विप्लव विकास
आमतौर पर चर्चा वैचारिक उद्देश्यों, नेतृत्व और राजनीतिक प्रभाव तक सीमित रहती है। मीडिया भीड़, भाषण और टकराव दिखाता है, लेकिन उसे वहां तक पहुंचाने और बनाए रखने वाली आर्थिक मशीनरी पर कम चर्चा होती है। दीर्घकालिक आंदोलन व्यवस्थित लॉजिस्टिक्स के बिना नहीं चल सकता। इसे कॉर्पोरेट प्रोजेक्ट की तरह समझिए।
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